स्मिता शरण कर रहीं थी इंजीनियरिंग, डेस्टिनी थी एक्टिंग, पढ़िये पुरा मामला

इंज़माम वहीदी, मुम्बई: जब हम छोटे होते हैं तो हमें पता नहीं होता है कि हम अपना करियर किस क्षेत्र में बनाएं। जब भी किसी इंसान को अच्छा करते देखते थे तो बस लगता था कि मुझे भी इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहिए। इसी तरह करते-करते वक़्त गुज़रता चला जाता है और हम सोचते कुछ और हैं और हमारा भविष्य किसी और क्षेत्र में तय होता है। आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं भिलाई(छत्तीसगढ़) की रहने वाली स्मिता शरण से।इंज़माम वहीदी, मुम्बई: जब हम छोटे होते हैं तो हमें पता नहीं होता है कि हम अपना करियर किस क्षेत्र में बनाएं। जब भी किसी इंसान को अच्छा करते देखते थे तो बस लगता था कि मुझे भी इसी क्षेत्र में अपना भविष्य देख कर नाम कमाएं। इसी तरह करते-करते वक़्त गुज़रता चला जाता है और हम सोचते कुछ और हैं और हमारा भविष्य किसी और क्षेत्र में तय होता है। आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं भिलाई(छत्तीसगढ़) की रहने वाली स्मिता शरण से। स्मिता का सपना है कि वह समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाएं। अपना नाम कमाने के लिए कई क्षेत्र में क़िस्मत आज़माया फिर काफ़ी मशक़्क़त के बाद एक्टिंग की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं।

स्मिता ने pahlikiran.com बात करते हुए बताया कि सपने को जीने लिए कोई वक़्त मुकर्रर नहीं होता है आप जब चाहें तब अपने सपने को साकार कर सकते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ने ऐक्ट्रेस बनने का सोचा तो नहीं था, लेकिन कहते हैं ना कि कुछ चीज़ें आपके लिए ऊपर वाले प्लान करते हैं। शायद मेरी कहानी भी इसी का उदाहरण है।

अब आपको बताते हैं कि किस तरह m-tech की छात्रा ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में क़दम रखा। स्मिता ने VLSI इलेक्ट्रॉनिक से m-tech किया है। पार्थवी इंजीनियरिंग कॉलेज में 2 साल स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाने के साथ-साथ GATE की तैयारी कर कामयाबी भी हासिल, उन्होंने DIMAT कॉलेज रायपुर से m-tech किया।

स्मिता शरण बताती हैं कि उन्होंने CGPSC की तैयारी के लिए Destiny IAS Academy, रायपुर में कोचिंग भी की, फर्स्ट अटेम्प्ट में PRE नहीं निकाल पाई तो उन्हें लगा कि वह अपने सपने को साकार नहीं कर पाएंगी। दूसरे अटेम्प्ट में PRE निकालने के काफी क़रीब थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो वह काफ़ी उदास और डिप्रेस हो गई , उन्हें लगा कि वह शिक्षा के क्षेत्र के अलावा कुछ नहीं कर सकती।

स्मिता की डेस्टिनी में कुछ और ही लिखा था। डांस पसंद था तो दोस्तों के साथ डांस शो के लिए भी कोशिश की लेकिन क़िस्मत ने वहां भी उनका साथ नहीं दिया और वह ऑडिशन ही नहीं दे पाई। दोस्तों ने सलाह दिया कि डांस की वजह से एप्सप्रेसन अच्छे हैं तो एक बार एक्टिंग में कोशिश कर।

स्मिता कहती हैं कि मेरी मशक़्क़त को देख कर आप समझ ही गए होंगे कि मैंने कई क्षेत्र में क़िस्मत आज़माया लेकिन कहीं भी स्टेबल नहीं हो पा रही थी। लेकिन अब लगता है कि ज़िंदगी में जो कुछ भी हुआ उससे मुझे काफ़ी सीख मिली। क्योंकि वो कहते हैं ना कि कोई भी चीज़ बिना वजह नहीं होती हर चीज़ के पीछे कुछ छुपा ज़रूर होता है।

जनवरी 2019 में मैं सपनों की नगरी मुम्बई पहुंची। आपके अंदर अगर सपने को सच करने का जज़्बा है तो मुम्बई आपके लिए बाहें फैलाए खड़ी है। शुरुआत में तो मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। न तो मैं इस बैकग्राउंड से थी न ही मेरे कोई दोस्त और परिवार के सदस्य इससे जुड़े थे। कैसे शुरुआत करूं कुछ नहीं समझ पा रही थी।

कुछ पैसे लेकर मुम्बई आई थी मैंने सोचा कि अगर इस फ़ील्ड में कुछ नहीं हुआ तो जॉब कर लूंगी, और साइड से ऑडिशन देते रहूंगी। मेरे दोस्तों ने बताया था कि आराम नगर, वरसोवा में ऑडिशन होते हैं और मैंने गुगल के ज़रिये कुछ प्रोडक्शन हॉउस का पता किया था। मैं रोज़ाना प्रोडक्शन हाउस में ऑडिशन देने जाती थी। कभी-कभी उदास भी हो जाती थी कि सेलेक्शन नहीं हो पा रहा है। फिर मुझे एक बात समझ आ गई कि ऑडिशन देते रहूं जब सही वक़्त आएगा तो कामयाबी मिल जाएगी।

मैं एक बात ज़रूर कहना चाहूंगी कि मुम्बई में हर तरह के लोग मिलेंगे बस आपको सही और ग़लत की पहचान होनी चाहिए। क्योंकि मैंने इस सफ़र में ये तजुर्बा किया है कि कुछ लोग आपकी हक़ीक़त में मदद करते हैं और कुछ लोग आपको गुमराह भी करते हैं।

मैंने एक कास्टिंग ग्रुप जॉइन किया था और फ़ेसबुक पर पोस्ट देख कर मैं उन्हें प्रोफ़ाइल भेजती थी। मैं कई फ़ेक पोस्ट का भी शिकार हुई हूं। उनकी बातों से चीज़ें समझ आई तो बात करना बंद कर दी।

मोनोलॉग में मूवी स्क्रिप्ट लेकर मैं घर पर मूवी बनाना शुरू की। आज आप इंस्टाग्राम पर भी मेरे वो अपडेट्स देख सकते हैं। उसमें ज़्यादातर जेन्युइन कास्टिंग डायरेक्टर के नंबर्स होते हैं, जिन्हें व्हाट्सएप के ज़रिए आप अपना प्रोफ़ाइल भेज सकते हैं।

मेरी क़िस्मत अच्छी थी कि मैं ग़लत कास्टिंग के जाल में नहीं फंसी। मैं एक्टिंग बैकग्राउंड से नहीं थी और न ही कोई थियेटर किया था। इसलिए मैं चाहती थी कि मैं छोटे से रोल से शुरुआत करूं। किस तरह शूट होता है कैसे शुरुआत की जाती है ये सब समझना चाहती थी।

मुझे पहला काम 30 मार्च 2019 को केसरी नंदन कांतिलोए प्रोडक्शन के बैनर तले मिला। रोल कैसा भी हो पर एक छोटा सा किरदार भी शो में जान डाल सकता है। कहावत भी है कि बड़े काम की शुरुआत भी छोटे काम से ही होती है। मैंने छोटा सा किरदार निभाया उसके बाद मैंने काफ़ी सारे शोज़ किये। जैसे बहु बेग़म, ये रिश्ते हैं प्यार के, परमअवतार श्री कृष्णा, लाल इश्क़, मेरी हानिकारक बीवी और मेरी मेहनत जारी है इत्यादि।

मेरा काम आप लोग देख ही रहे हैं। आप लोगों की दुआ रही तो आगे और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते रहूंगी। मेरा मानना है कि अगर आप अपने लक्ष्य को लेकर ईमानदार और जुझारू हैं तो उस तक पहुंचने में देर लग सकती है लेकिन आप उसे पाते ज़रूर हैं। हां बस थोड़ा सा सब्र ज़रूरी है। आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है।
हमारे समाज में ज़्यादातर लोग इस फ़ील्ड को उतना अच्छा नहीं मानते लेकिन मैं उनके लिए ये कहना चाहूंगी कि ये आपके देखने का महज़ एक नज़रिया है। एक अदाकारा की हैसियत से मैं इस इंडस्ट्री में हूं, यहां काफ़ी संघर्ष कर के लोग अपना करियर बनाते हैं। TV में या पर्दे पर देखना जितना आसान होता है उससे की ज़्यादा मुश्किलों का सामना कर किरदार को अंजाम दिया जाता है। मुझे मेरे परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों ने काफ़ी सपोर्ट किया। मुझे गर्व है कि मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूं।

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