कामयाबी दिन में नहीं मिलती पर ठान लो तो एक दिन ज़रूर मिलती है, मिस इंडिया दिवा फ़िज़ा के कामयाबी की कहानी

इंज़माम वहीदी, नई दिल्ली। हम और आप बचपन से कई कहावतें सुनते आ रहे हैं जैसे की जहां चाह वहां राह, जाको राखे साइयां मार सके न कोई… हम कहावतें तो सुनते आ रहे हैं पर असलियत में कहावत बहुत ही कम सच होते हुए देख पाते हैं। इसी तरह एक कहावत है कि ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा ख़ुद बंदे से पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ? कुछ इसी तरह प्रयागराज की रहने वाली फ़िज़ा ख़ान आपना नाम रौशन कर रही हैं।

जी हां हम ये इसलिए कह रहे हैं कि जब प्रयागराज की रहने फ़िजा ने 2016 में अपने दोस्त के कहने पर पहली बार मॉडलिंग के लिए ऑडिशन दिया वह भी परिवार से छुप-छुपा कर। जब फ़िज़ा के रिश्तेदारों ने देखा कि वह मॉडलिंग कर रही है तो उन्होंने कई तरह की बातें भी बनाईं। फ़िज़ा ने मॉडलिंग में क़दम रखा था तो उसे परिवार वालों ने सपोर्ट नहीं किया था। वह अकेले ही अपने ख्वाबों को सच करने के जुनून में निकल पड़ीं और कामयाबी उनके क़दम चूमते चली गई। फ़िज़ा को कामयाब होते देख उनके परिवार वालों ने भी उन्हें उनकी मंज़िल तक पहुंचाने में साथ दिया।

हाल ही में फ़िज़ा खान ने मिस इंडिया दिवा 2019 का ताज अपने नाम कर प्रयागराज का नाम रोशन किया। नैनीताल में हुई इस प्रतियोगिता में देश के 29 राज्यों से आये प्रतिभागियों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व फ़िज़ा खान ने किया। उन्होंने चारों चरण में अपना दबदबा कायम रखते हुए अंत मे ताज अपने नाम किया। फ़िज़ा ने मिस्टर एंड मिस दिल्ली कॉम्पिटीशन में मिस दिल्ली का ख़िताब भी अपने नाम कर चुकी हैं।

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