स्पोर्ट्समैन से मॉडल और मॉडल से एक्टर बन्ने का सफ़र, पढ़िए क्या है मामला ?

इंज़माम वहीदी, मुम्बई: इंसान किस तरह से अपने नाम की एक अलग पहचान बनाता है ? उसका जीता जागता उदाहरण गौरव कुमार है। गौरव के सफ़र की शुरुआत कैसे हुई किस तरह से गौरव ने अपनी मंजिल को पाने के लिए जी तोड़ मेहनत की। आईए जानते हैं उनकी कहानी उन्हीं की ज़ुबानी।

मेरा नाम गौरव कुमार है मैं झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला हुं। मैं एक एक्टर और थिएटर आर्टिस्ट हुं। पिछले 5 सालों से मैं कई नामचीन थिटेटर ग्रुप के साथ जुड़ कर काम कर रहा हुं। मैने अब तक 11 कॉमर्शियल प्ले (नाटक) में काम किया है। अपने हुनर से पूरे देश भर में मैंने दर्शकों का दिल जीता है।

मैंने जो प्ले किए हैं उसमें कुछ नाटक के नाम हैं अजब ग़ज़ब पाठशाला, गिरजा के सपने, मोटे राम, नटरंग, राम लीला, तीसरी घंटी, नाना इस तरह के कई नुक्कड़ नाटक भी किए हैं।

मै थियेटर(रंगमंच) के साथ अभी भी जुड़ा हुं औऱ आगे भी जुड़ा रहुंगा। इसी के साथ मैंने कुछ फ़िल्म और टेलिवीज़न में भी काम किया है। कैनेस फिल्म महोत्सव में जाने वाली फीचर फिल्म (अंडर टेकर) शॉर्ट फ़िल्म Self Condemnation , किन्नु, कश मकश, डस्टबिन, टीवी सीरियल जैसे कि (तीन देव रानियां, चन्द्र शेखर आज़ाद, ढाई किलो प्रेम) कुछ वेब सीरीज़ भी किया है। जैसे कि (We are family, रंगीला राजा, क्राइम सीरीज़) और अभी आने वाले समय में Mx player की एक वेब सीरीज़ में किरदार करते नज़र आउंगा। कुछ एडवर्टाइज्मेंट में भी हुनर आज़माया है। जैसे कि ( बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, Rummy Passion) मैंने कुछ वीडियो एल्बम में भी काम किया है।

मैं बचपन से ही खेल कूद में अव्वल रहा हुं, स्कूल के वार्षिक महोत्सव के दौरान हर साल स्पोर्ट्स में फर्स्ट आता था। साथ में मेरा पेंटिंग और योगा मे भी रूझान था। मैं एक National लेवल का बास्केट बॉल खिलाड़ी भी रह चुका हुं। शुरूआती पढ़ाई मैंने जमशेटपुर के टैगोर एकेडमी से की है। फिर मैंने APIM अहमदाबाद कॉलेज से ग्रेजुएशन की, उसके बाद APIM दिल्ली से MBA डिग्री हासिल की।

अपने 10वीं की पढ़ाई के दौरान ही मैने मॉडलिंग शुरू की थी। प्रभात ख़बर न्युज़ पेपर में ‘फ़ेस आफ़ द वीक’ मेरा सबसे पहला असाइन्मेंट था। फिर अपने ग्रेजुएशन के दौरान कुछ प्रिंट शूट औऱ रैम्प शोज़ किए।
जब मैं दिल्ली मे MBA करने गया उस वक्त मैं रंगमंच(थिएटर) से रूबरू हुआ। वहां कुछ साल थिएटर प्रैक्टिस की। 2014 में मुम्बई आना हुआ। 

मैं एक एंकर भी हूं मैंने बतौर एंकर पांच सौ से ज़्यादा शोज़ किए हैं। आने वाले कुछ वक्त में आप मुझे कुछ बेहतरीन प्रोजेक्ट में बतौर मुख्य भुमिका निभाते हुए देखेंगे।

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