खुद बड़ा बने तो क्या बने 10 लोगों को बड़ा बनाओ तो जानें- हर्ष झा

इंज़माम वहीदी, मुम्बई: शब्दों की ताक़त को पहचानना बड़ा ही मुश्किल होता है, लेकिन एक बार पहचान गए तो ज़िन्दगी बड़ी आसान हो जाती है। कुछ ऐसा ही वाकया कास्टिंग डायरेक्टर हर्ष झा का भी है। बचपन में सुना था कि खुद बड़ा बने तो क्या बने 10 लोगों को बड़ा बनाओ तो जानें। बस यही एक वाक्य ने छोटे से गांव के लड़के हर्ष को हर्ष झा कास्टिंग डायरेक्टर बनाया। बिहार के सीतामढ़ी जिले के छोटे से गांव बलिगढ़ में ताल्लुक़ रखने वाले हर्ष के लिए मुंबई तक का सफर तय करना बहुत मुश्किल था।

बचपन एक ऐसे गांव में गुज़रा जहां लोग फ़िल्म में रुचि रखने वालों को हेय की दृष्टि से देखते थे। वहां से फिल्म जगत में निर्देशन के क्षेत्र में कदम जमाने का ख्वाब पालते हुए हर्ष ने स्कूल की पढ़ाई पूरी की।उसके बाद उच्च शिक्षा के लिए पटना की ओर रुख किया। पटना में आने के बाद रंगमंच में क़दम बढ़ाया। कालिदास रांगालय में कई नाटकों में अभिनय और निर्देशन करने के साथ ही ग्रेजुएशन पूरा किया।

दिल में कुछ बड़ा करने का ख़्वाब उन्हें पटना से खींच कर मुम्बई तक ले गया। नया शहर नए लोग कोई उचित मार्गदर्शक भी नहीं। काफी समय तक यहां वहां घूमते रहे, फिर उनके एक नजदीकी दोस्त ने अपने साथ ऑडिशन में चलने को कहा।आराम नगर में ऑडिशन कि भीड़ देख हर्ष अचंभे में आ गए कि एक एपिसोडिक शो के लिए 400 आर्टिस्ट की भीड़….! वहां से वो वापस आ गए और दिमाग में बार बार यही बातें घूम रही थी कि खुद बने तो क्या बने 10 को बनाओ तो बड़ी बात। वहीं से हर्ष ने कास्टिंग की तरफ रुख मोड़ लिया। शुरुआत में सावधान इंडिया क्राइम पेट्रोल की कास्टिंग की, उसके बाद कदम सरकार 3 किया।

दुर्गा के कास्टिंग के दौरान उनकी मुलाक़ात कास्टिंग डायरेक्टर संजय शुक्ला से हुई। इसके बाद दोनों की जोड़ी ने कई सारे टीवी शोज की कास्टिंग की। फिर टीवी से कुछ समय के लिए अलग हो कर हर्ष ने विज्ञापन की कास्टिंग शुरू की। हर्ष ने एशियन पेंट , डाबर वाटिका, एच डी एफ सी बैंक, टीवीएस लॉरियल पेरिस जैसी कई बड़े ब्रांड के लिए कास्टिंग किया। अभी हर्ष दो फिल्म और एक वेब सीरीज पे काम कर रहे हैं।साथ ही वेब सीरीज के लिए निर्देशन भी करने वाले हैं।

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