ग्रामीणों ने खोल दी पोल सरकारी योजनाओं की पोल, अधिकारियों के उड़े होश

बिहट नगर परिषद में सरकारी योजनाओं में काफ़ी धांधली देखने को मिल रही है। बिहट नगर परिषद के वार्ड 10 और 12 में गली नल योजना और जल नल योजना में घंघोर अनियमितता देखने को मिली है। जब ठेकेदार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि 40% एडवांस राशि देने के बाद कार्यआदेश मिलता है, तो फिर योजना के कामों में पूरी गुणवत्ता कहां से आएगी ? कॉन्ट्रैक्टर की मानें तो नगर परिषद के चेयरमैन और सरकारी अधिकारी की मिलीभगत से टेंडर को मैनेज किया जाता है। संवेदक से 40% राशी एडवांस ली जाती है फिर कार्यआदेश दिया जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि काम की गुणवत्ता ख़राब थी, उसे रोकने के लिए कहा तो स्थानीय पार्षद पंकज मिश्रा द्वारा FIR दर्ज करवाने की धमकी दी गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पूर्व मुख्य पार्षद राजेश कुमार टुना को दी उन्होंने मामले की जांच की, जहां सही में अनियमितता पाई गई। इसके बाद उन्होंने जेई से बात की तो जेई ने कहा की मेरी जानकारी में ये नहीं है। मुझे नहीं मालूम है कि वहां अभी काम चालु है, मैं अभी चुनाव की ड्युटी में हूं।

राजेश कुमार टुना ने प्रधान सचिव को व्हाट्सएप्प के माध्यम से फोटो भेज कर मामले से अवगत कराया जिसके बाद आनन फानन में जेई द्वारा स्थल निरक्षण किया गया और अनियमितता पाई गई। जेई ने संवेदक से कहा कि तत्काल कार्य को डिस्मेंटल करो। जिसके बाद कार्य रोका गया। अब सवाल यह उठता है कि जहां 40% एडवांस कमीशन लेकर संवेदक को कार्य आदेश दिया जाता है तो फिर योजना में गुणवत्ता कहां से आएगी ?

गली नली योजना और जल नल योजना की बात की जाए तो कहीं पानी की निकासी सही नहीं है तो कहीं नाला निर्माण में घटिया मैटेरियल इस्तेमाल किया जा रहा है। एक तरफ़ पानी की सही निकासी नहीं है तो दूसरी तरफ़ कमज़ोर नाले का निर्माण हो रहा है जो की कभी भी टूट जाएगा और बड़े हादसे का सबब बन जाएगा। वहीं दूसरी ओर जल जमाव की वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां पैदा होंगी। इन सब स्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों में काफ़ी रोष है उनका कहना है कि अगर जल्द से जल्द इसका निदान नहीं हुआ तो वह आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।

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