‘हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते, हर तकलीफ़ में ताक़त की दवा देते हैं’

इंज़माम वहीदी, नई दिल्ली: कामयाब होने के लिए लगन और मेहनत की ज़रूरत होती है यह हम और आप बचपन से सुनते आ रहे हैं। इसके साथ ही अगर आप में कुछ कर गुज़रने का जज़्बा है तो आप काफ़ी तरक्की कर सकते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं झांसी की रहने वाली अनवी तीवारी की, वह दिन पर दिन अपनी मेहनत के बल बूते पर कामयाबी सीढीयां चढ़ती जा रही हैं। अनवी बताती हैं कि वह विद्या बालन और शाहरुख ख़ान से प्रेरित होकर ग्लैम वर्ल्ड में आईं। वह बताती हैं कि इस फ़ील्ड में फ़्रॉड लोग और गंदे-गंदे ऑफ़र भी बहुत लोग हैं।
यहां तक के इस फील्ड में आने पर कई लोगों ने ताने भी दिए जो सुनकर बुरा लगता था। मैं सुन लेती थी कुछ बोलती नहीं थी अब सोचती हूं तो लगता है कि नकी छोटी सोच थी इसलिए तो आज वो लोग अपनी सोच की तरह ही छोटे मुक़ाम पर हैं और मुझसे इतने पीछे हैं। शुरूआत में तो मुझे परिवार का साथ भी नहीं मिल रहा था क्योंकि मैं ब्राह्मण परिवार से हूं लेकिन अब मुझे परिवार वालों का सपोर्ट मिलता है।
मेरा ड्रीम गोल एक कामयाब अदाकारा बन्ने का है जिसे देख कर लोग प्रेरित हों, मुझे देख कर छोटे शहर की लड़के-लड़कियों को आगे बढ़ने का जज़्बा मिले। वह यह सोचें की शहर छोटा होने से कुछ नहीं इरादे बुलंद होने चाहिए।
अनवी युवाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि अगर आप सोचेंगे की लोग क्या कहेंगे तो आप कुछ भी नहीं कर पाएंगे, क्योंकि आप बिना चुनौतियों का सामना किए कुछ भी हासिल नहीं कर सकते हैं। आप अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर मेहनत कीजिए।

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