भूमिगत मुखिया 4 माह बाद लौटे घर : एसपी से सुरक्षा की गुहार, खोले कई राज…

 

ज़ोहैब सुलैमान (बेगुसराय):बछवाड़ा प्रखंड के गोविंदपुर तीन पंचायत के मुखिया शंकर साह के लगभग चार माह बाद घर वापस लौटे की खबर चर्चा का विषय बना हुआ है. मुखिया भूमिगत थे या उन्हें लापता किया गया था, इसको लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थी। इसी बीच डीजीपी कार्यालय से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मुखिया शंकर साह के हस्ताक्षर युक्त आवेदन पहुंचे थे जिसमें पूर्व जिला परिषद सदस्य रामोद कुंवर पर कई आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

आवेदन में उन्हीं के डर से ही भूमिगत होने की बात कही थी। इसके बाद से ही इलाके में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। बताते चलें कि नये आरक्षण कोटि में गोविंदपुर तीन पंचायत के मुखिया का पद आरक्षित होने पर रामोद कुंवर ने ही अपने बल पर शंकर साह को मुखिया पद पर जीत दिलाई थी। लेकिन शंकर साह के हस्ताक्षर युक्त आवेदन अधिकारियों के पास पहुँचने के बाद से ही बछवाड़ा की राजनीति गर्म हो गई थी। इसी बीच रविवार को दोपहर में मुखिया सीधे इलाके में दिखे और रामोद कुंवर के आवास पर पहुंचे। मुखिया शंकर साह ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक रामदेव राय ने अक्टूबर माह में विकास योजनाओं की बात कहकर कुछ सादे कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए थे। उन्होंने कहा है कि हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर है। मुखिया बनने के बाद मैं वैष्णो देवी गया था और वापस लौटने के क्रम में दिल्ली में ही दिहाड़ी करने लगा। रविवार को जब मैं बछवाड़ा पहुंचा तब लोगों से मेरे द्वारा आलाधिकारी को पत्र दिए जाने की जानकारी मिली ।

पूरी घटनाक्रम से हतप्रभ मुखिया सीधे रामोद कुंवर के आवास पर पहुंचे और रामोद कुंवर के प्रति आस्था जताते हुए कहा कि मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है। मेरे पंचायत के पूर्व मुखिया अनिल सिंह की हत्या साजिश के तहत की गयी थी और रामोद कुंवर को फंसाया गया था लेकिन पुलिस अनुसंधान में कुछ और ही मामला निकला था। मुखिया ने कहा कि रामोद कुंवर को फंसाने के लिए एक बड़ी साजिश प्रतीत हो रही है।  उन्होंने एसपी से जान-माल की सुरक्षा की अपील की है। रामोद कुंवर ने इस अवसर पर कहा कि विरोधियों की साजिश नाकाम हुई है। मुखिया शंकर साह को एसपी सुरक्षा प्रदान करें। इस सम्बन्ध में विधायक रामदेव राय ने कहा कि मैं गोविंदपुर तीन पंचयत के मुखिया शंकर साह को नहीं पहचानता हूँ, एक दिन उन्होंने मुझे फोन जरूर किया था और अपने क्षेत्र से संबंधित कुछ समस्या रखी थी। मौके पर रामानंद साह, कैलाश झा, मुकेश कुमार सिंह, मुकेश कुमार महतो, मनोज यादव, बिट्टू समेत इलाके के दर्जनों लोगों ने मुखिया का स्वागत किया।

One thought on “भूमिगत मुखिया 4 माह बाद लौटे घर : एसपी से सुरक्षा की गुहार, खोले कई राज…

  • November 8, 2018 at 7:15 pm
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    बेगूसराय कोर्ट मे सुरक्षा व्यवस्था मे इन दिनों व्यापक पैमाने पर गिरावट आइ है । पिछले दिनों इसी कोर्ट मे पिस्तौल से लैस कुछ अपराधिक तत्व घुस गये थे । जिन्हे पी पी मंसूर आलम व स्टैडिंग कमिशन के #Amrendra Kumar Amar के बाॅडीगार्ड ने पकड़ कर बेगूसराय पुलिस के हवाले किया था । उक्त घटना के बाद एस पी ने कोर्ट की सुरक्षा बढा़ दिया था । कोर्ट कर्मी को छोड़कर परिसर मे प्रवेश करने वाले सभी लोगों की तलाशी ली जाने लगी थी। मगर अब प्रवेश द्वार पर सिर्फ एक ~दो सिपाही खडे तो रहते हैं । मगर किसी की तलाशी लेना तो दुर आवागमन करने वालों पर नज़र डालना भी मुनासिब नहीं समझता है । विगत १२ अक्टूबर को जब मै कोर्ट आया था तो मेरी भी तलाशी ली गयी थी ,तो मुझे सुरक्षा देख खुशी हुई थी । मगर जब आज पुनः आना हुआ तो मात्र दौ सिपाहियों को मौजूदगी की औपचारिकता पुरी करते देखा। इस बारे में जब एक मुन्शी से पुछा तो उसने कहा कि “ऊ सब कहिया नै बंद भेलय” ।

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