खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा ख़ुद बंदे से पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ?

इंज़माम वहीदी, नई दिल्ली: हम जब बचपन की दहलीज़ पर क़दम रखते हैं, तभी से ही हमें हमारे भविष्य को संवारने के लिए, माता-पिता अच्छे और बुरे का फ़र्क समझाना शुरू कर देते हैं। अकसर हम ये सुनते कहावत सुनते रहते हैं कि जहां चाह वहां राह, कुछ ऐसी ही कहानी है टीवी आर्टिस्ट और मॉडल नीतू सांगला की, वो कहते हैं ना कामयाब होने के लिए लगन और मेहनत की ज़रूरत होती है। इसके साथ ही अगर आप में कुछ कर गुज़रने का जज़्बा है तो आप काफ़ी तरक्की कर सकते हैं। मुम्बई आते ही ‘हनुमान’ सीरियल में काम करने का मौक़ा मिला, उसके बाद ‘परदेस में है मेरा दिल’ सीरियल में प्रिया का कैरेक्टर, निमकी विधायक में टोसटी का कैरेक्टर। सावधान इंडिया में भी कई बार लीड किरदार, क्राइम पेट्रोल में भी दो बार लीड रोल प्ले, वेब सीरीज़ दे फैट ब्वॉय स्टोरी, हिन्दी फीचर फ़िल्म NRI डायरी में भी किरदार निभा चुकी हैं। इस तरह के कई प्रोजेक्ट नीतु कर चुकीं हैं और आगे भी कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।

तो चलिए आपको नीतु की कामयाबी का किस्सा बताते हैं। राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली नीतु मुम्बई, अंधेरी वेस्ट में रहती हैं। नीतू बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही एक्टिंग में रुची थी लेकिन पैरेंट्स का कहना था कि शिक्षा हो जाए तो अच्छा है उस्से सपोर्ट बना रहता है इसके लिए उन्होंने जयपुर से इंजीनियरिंग के साथ-साथ थियेटर भी करती रहीं। इंजीनियरिंग बाद वह मुम्बई शिफ़्ट हो गईं।
नीतु बताती हैं कि उन्हें परिवार ने तो ज़्यादा सपोर्ट नहीं किया लेकिन उनकी माता और भाई ने सपोर्ट किया क्योंकि उन्हें नीतु पर भरोसा था। जब उन्होंने ने शुरुआत की तो काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा जैसे की कहां और कैसे ऑडिशन देना है, कौन लोग सही हैं कौन फ़ेक है, रजिस्ट्रेशन चार्जेज़, पोर्टफोलियो मेकिंग इस तरह की कई परेशानियां सामने आईं।
जैसा कि आपको पहले ही बताया गया कि नीतु इंजीनियरिंग कर चुकीं हैं तो वह उसी तरह दिमाग़ का इस्तेमाल कर गुगल पर देखते रहती थीं कहां और कब ऑडिशन है, अजेंसी जेन्युन है कि नहीं यह सब जांच पड़ताल कर डायरेक्ट प्रोडक्शन हाउस जाकर ऑडिशन देती थीं। इसी तरह वह मॉडलिंग प्रोजेक्ट में भी जांच पड़ताल कर के ही ऑडिशन देती थीं। इस तरह उन्हें धीरे-धीरे कर के अच्छा काम मिलने लग गया और वह कामयाबी की सीढियां चढ़ती चली गईं।
नीतू का कहना है कि अभी तो सफ़र की शुरुआत की है, अभी आगे काफ़ी कुछ करना है देखते हैं किस्मत कहां ले जाती है। आज कल तो काफ़ी ऑप्शन हो गए है जैसे कि सीरियल,मूवीज़, वेब सीरीज़, डिजिटल एड्स काफ़ी सारे प्लैटफ़ॉर्म है देखते हैं ज़िंदगी कहां ले जाती है ?
नीतु युवाओं को संदेश देना चाहती है कि जो सपने आप ने संजोए हैं उसके लिए मेहनत करो रिजल्ट अपने आप मिलता है रिज़ल्ट थोड़ा लेट मिलता है काफ़ी परेशानियां होती हैं एक टाइम पर दोस्त परिवार सब ख़िलाफ़ हो जाते हैं लेकिन जब सपना पूरा हो जाता है तो वहीं सारे लोग आपको बधाई देते हैं। इसलिए आप अपने सपने को साकार करें।

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