इस तरह से बनस्मिता को मिला मिसेज़ इंडिया नॉर्थ-ईस्ट का ख़िताब…

इंसान के अंदर कुछ करने की चाह होती है तो वह अपने आपको एक मुकाम दिलाने के लिए पूरी मेहनत करता है। बनसमिता हंडिक (बबली) भी उनमें से एक है जिन्होंने मुश्किलों का सामना करते हुए खुद को एक अलग पहचान दी है। बबली की शादी पाथप्रतीन बरुआ से 2013 में हुई थी। बबली ने शादी के बाद कॉम्परमाइज़ और त्याग अपनी पढ़ाई मुकम्मल की। इसके साथ ही बबली ने बीएड मे अव्वल स्थान भी प्राप्त किया है।

बबली जोरहट (आसाम) मरियाली से ताल्लुक रखती हैं। बबली के पिता का नाम होरेन हंडिक और माता का नाम बीजू मोनी हंडिक है। बनसमिता बतौर भूगोल शिक्षक प्रागज्योतिका जूनियर कॉलेज एंड एकेडमी में कार्यरत हैं जो कि सिताबर में है। बबली ने पहली बार मिसेज़ इंडिया होम मेकर्स 2017 में ट्राई किया और उनका सेलेक्शन हो गया। उन्हें मिसेज़ ब्युटिफुल आइज़ के ख़िताब से नवाज़ा गया। वह ख़ुद यक़ीन नहीं कर पा रही थी उनका सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है। हाल ही में उन्हें मिसेज़ साउथ एशिया 2017 पैजेंट्स में मिसेज़ इंडिया नॉर्थ-ईस्ट का ख़िताब मिला था।

बबली बचपन से ही मिस इंडिया बन्ना चाहती थी, लेकिन उनके घरवाले इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ थे। जब बबली ने देखा की शादी के बाद भी वह अपना सपना साकार कर सकती है। तो उन्होंने अपने सपनों को साकार करने की ठान ली। मिसेज़ इंडिया होम मेकर्स 2017 में टॉप 12 में अपनी जगह बनाई और मिसेज़ ब्युटिफुल आइज़ के ख़िताब को अपने नाम किया।

बबली का कहना है कि अगर इंसान में कुछ करने की चाहत हो तो वह अपने सपनों को साकार ज़रूर करता है। इंसान अगर कुछ चुनौतियों से डर जाए तो वह कभी अपने मक़सद में कामयाब नहीं हो सकता है। इसलिए बबली का मानना कि आत्मविश्वास के साथ काम करने से इंसान को कामयाबी ज़रूर मिलती है।

बबली मां को अपना आदर्श मानती हैं और दूसरी महिलाओं को प्रेरित करना चाहती हैं। बबली ने महिलाओँ को संदेश दिया है कि जिस तरह से मैंने मुश्किलों की दौर से गुज़र कर एक मुकाम हासिल की है। वैसे ही और महिलाएं भी आगे आकर अपने सपनों को साकार करें। मै समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहती हूं और अपने क्षेत्र को बैकवार्ड से फ़ॉरवार्ड करना चाहती हूं।

 

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