श्रमिक स्पेशल ट्रेन में श्रमिकों को नहीं मिली जगह, स्टेशन से लौटाए गए मज़दूर

भिवंडी से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई. इसमें करीब 90 सीटें खाली रह गईं. स्टेशन पहुंचे 100 मजदूरों को ट्रेन में नहीं बैठने दिया गया क्योंकि उनके पास पैसे नहीं थे.

ट्रेन का नाम है श्रमिक स्पेशल, लेकिन श्रमिक तभी जा सकता है, जब वह किराया अदा करेगा. ये श्रमिक अपने घर लौटना चाहते थे, लेकिन उन्हें नहीं लाया गया, क्योंकि वे ट्रेन का किराया नहीं दे सकते थे.

जो स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं, उनमें 50 रुपये अतिरिक्त किराया वसूला जा रहा है. देश संकट में है इसलिए देश भर की जनता से सरकार ने पैसे मांगे. लेकिन मजदूर संकट में हैं तो उनसे भी सरकार पैसे ले रही है.

भारत अब दरिद्र देश नहीं है, भारत का खजाना भरा है, लेकिन सत्ता में लुटेरे बैठे हैं. वे बैंक से लेकर जनता तक को लूट रहे हैं. वे इतने क्रूर हैं कि हजारों किलोमीटर पैदल चल रहे, भूख से बिलख रहे लोगों पर उन्हें दया भी नहीं आती.

अब समय आ गया है ​जब सरकार में बैठे निर्लज्ज लोग गरीबों को सुविधा देने के बदले उनके लीवर, किडनी, रक्त, मांस आदि वसूलना शुरू कर दें. ऐसी क्रूर सरकार हमने तो नहीं देखी, हो सकता है कभी रही हो.

साभार: पत्रकार कृष्णकांत के फेसबुक वॉल से…

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