शौचालय घोटाला मामले का मास्टरमाइंड गिरफ़्तार, पढ़िए पूरा मामला

पटना: बिहार के शौचालय घोटाला मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस घोटाले के मुख्य अभियुक्त पीएचडी के एग्जिक्यूटिव इंजीनियर विनय कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया गया है. विनय सिन्हा के साथ दो और आरोपी को गिरफ्तार किया है. 14 करोड़ से अधिक के इस घोटाला के मुख्य आरोपी को उत्तरप्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि शौचालय घोटाले के उजागर होते एवं एफआईआर दर्ज होते ही विनय सिन्हा बिहार से बाहर फरार हो गए थे.

पटना से फरार होने के बाद विनय कुमार सिन्हा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में जा कर छिपा था. इसके बाद ये उत्तर प्रदेश के देवरिया आया. यहां से इसके छिपे होने की सूचना मिलते ही एसआईटी प्रमुख पटना के एसएसपी मनु महाराज की टीम देवरिया जा पहुंची और उसे गिरफ्तार किया गया.

विनय कुमार सिन्हा 100 करोड़ से अधिक की संपति का मालिक है. इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी नवादा के एनजीओ आदि शक्ति सेवा संस्थान के ट्रेजर उदय सिंह को पटना में होटल मौर्या के पास से गिरफ्तार  किया है.  इस केस में अब तक कुल 21 अरेस्टिंग हो चुकी है. इन दोनों के पहले एसआईटी बिटेश्वर राय और उदय की बहन समेत कुल 19 घोटालेबाजों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

गौरतलब है कि शौचालय घोटाला के मास्टरमाइंड पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता विनय कुमार सिंह और रोकड़पाल बिटेश्वर प्रसाद हैं.  घोटाले के इस खेल में एनजीओ आदिशक्ति सेवा संस्थान का सहारा लिया गया. कार्यपालक अभियंता विनय के निर्देश पर बिटेश्वर ने एनजीओ आदि शक्ति सेवा संस्थान बनवाया और फिर इसके बाद शौचालय के नाम पर पैसा आदि शक्ति सेवा संस्थान के खाते में डाला जाने लगा. इन दोनों ने ही योजना बनायी और शौचालय निर्माण की 14 करोड़ 37 लाख की राशि गबन कर ली.

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