12 लाख प्रति माह खर्च के बाद भी हो रही सरेआम वारदात

राकेश कु० यादव, बछवाडा (बेगूसराय): आपराधिक वारदात की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सरकार पुलिस प्रशासन नियुक्त करती है। चोरी की वारदात पर लगाम लगाने के लिए चौकीदार नियुक्त किए जाते हैं । बछवाड़ा थाना में इन्ही कार्यों के लिए लगभग 40 चौकीदार नियुक्त हैं । जिनके लिए सरकार कुल 12 लाख रूपए प्रति माह वेतन मद में खर्च करती है। इसके बावजूद बछवाडा़ में एक सप्ताह के भीतर तीन चोरी का मामला सामने आया है।

इस तरह से चोरी की घटनाओं में इजाफा होना आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। साथ ही सरकार के बारह लाख रूपए का खर्च भी फ़िज़ूल खर्ची साबित हो रहा है।
बछवाड़ा थाना के हादिपुर गांव में घर के सदस्यों के सोए रहने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों नें घर में रखे सात बक्से एवं जेवरात समेत अन्य सामान पर हाथ साफ कर लिया।
हादिपुर निवासी धीरज सिंह ने बछवाडा़ थाने में आवेदन देकर मामले की सुचना देते हुए कहा है कि बुधवार की रात घर के सारे लोग खाना खाकर सो गए । गुरूवार की अहले सुबह जब नींद खुली तो घर के सारे बक्से और अन्य सामान गायब थे। घर के महिलाओं के रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण इकट्ठे हो गए । इसी क्रम में घटना की सुचना थानाध्यक्ष को दी गयी । तत्पश्चात दलबल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष परसु राम ने बताया कि पीड़ित पक्ष से आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने जब घर से लगभग पचास मीटर की दुरी पर ही सभी गायब बक्से के बरामद होने की सुचना पुलिस को दिया। सभी बरामद बक्से का ताला तोड़कर सभी सामान अज्ञात चोर गायब कर चुके थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। जल्द ही खुलासा हो जाएगा । मगर यह कोई पहली घटना नहीं है, इसी हफ्ते क्षेत्र के समाजसेवी कामनी कुमारी के गौशाला से चोरों नें मोटर, पंखा, बल्ब सहित अन्य उपस्कर को अज्ञात चोरों ने गायब कर दिया था । झमटिया ढाला पर प्रति माह दो से अधिक दुकानों में चोरी की घटनाएं घटती है। स्थानीय निवासी ग्रामीण कहते हैं कि चोरी की अधिकतर घटनाओं में जांच एवं छानबीन करना तो दुर, पुलिस आवेदन तक लेने से भी हिचकिचाते हैं । अभी-अभी हाल ही में एक चौकीदार पुत्र संजीत कुमार जब मोबाइल छिनैती की घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने गये तो उनके साथ बदतमीज़ी की गई। तत्पश्चात उक्त चौकीदार पुत्र नें वरिय पुलिस अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से शिकायत किया। खैर जो भी हो लेकिन फिर भी नियंत्रण कैसे हो यह समस्या मुंह बाए खरी है ।

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