शिक्षक एवं सरकार की लड़ाई से छात्रों का शैक्षणिक सत्र खतरे में- अमीन हमजा

 

मुर्शीद खान(बेगुसराय) :बिहार राज्य भर के प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षक, समान काम- समान वेतन सहित अपने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिस वजह से इंटर मैट्रिक के कॉपी जांच बाधित है। सरकार और शिक्षक की इस लड़ाई में उन छात्रों का जिन्होंने मैट्रिक एवं इंटर का परीक्षा दिया है, शैक्षणिक सत्र खतरे में नजर आ रहा है। जहां एक तरफ सरकार विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र दुरुस्त और नियमित करने की बात कर रही है वहां  देर से परीक्षार्थियों का कॉपी जांच होना सरकार के इस बात को खोखले साबित करने का काम कर रही है। हमारा संगठन यह मांग करता है कि शिक्षकों के मांगों को मानकर उनके हड़ताल को तुडवाया जाए ताकि कॉपी का मूल्यांकन शीघ्र शुरू हो सके और शैक्षणिक सत्र पर मंडरा रहे खतरे से निजात पाया जा सके ऐसा नहीं होने पर हमारा संगठन इस शिक्षा विरोधी सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई अख्तियार करेगी, जिसकी सारी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी।  उपर्युक्त बातें पटेल चौक स्थित  एआईएसएफ के  जिला कार्यालय में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए संगठन के राज्य उपाध्यक्ष अमीन हमजा ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार एवं शिक्षकों की लड़ाई में इंटर एवं  मैट्रिक के परीक्षार्थी  पिस रहे हैं। एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष सजग कुमार ने कहा कि हमारा संगठन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समय पर वर्ग संचालन कर कोर्स पूरा करने की गारंटी पर हमेशा से बल देता आया है। ऐसे में शिक्षकों के हड़ताल पर जाना और मूल्यांकन कार्य रुक जाना एक तरह से इस मांग में बाधा डाल रही है। इसलिए सरकार को अविलंब शिक्षकों के मांगों को मानकर उन्हें फिर से  कार्य पर लौटने को कहा जाए। संगठन के जिला सचिव किशोर कुमार ने कहा कि” एक तरफ राज्य सरकार बिहार में बेरोजगार छात्र – जवानों को नौकरी देने की बात करता है, दूसरी तरफ  शिक्षक पात्रता परीक्षा में B.Ed की बाध्यता देकर वह भी उस समय जिस समय बिहार के अंदर B.Ed कॉलेज एवं टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर की घोर कमी है। रोजगार से वंचित करने की साजिश है। इसलिए हमारा संगठन 6 अप्रैल को  इस मुद्दे सहित विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं को लेकर जिला अधिकारी के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन करने का काम करेगा।

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