जीएसटी को ध्यान से समझें सांसद दुष्यंत चौटाला, किसानों के लिए कुछ महंगा नहीं होगा – जवाहर यादव

इनेलो के युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने मांग की है कि जीएसटी के तहत ट्रैक्टर के पुर्जों पर लगने वाले टैक्स को कम किया जाए। लेकिन जीएसटी को लेकर उनकी समझ कितनी है और उन्होंने इस नई प्रणाली के बारे में कितना पढ़ा है, यह इस बात से पता चलता है कि उन्हें जीएसटी की फुल फॉर्म भी नहीं पता। दुष्यंत ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में GST को General Sales Tax लिखा है जबकि देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि GST मतलब Goods & Services Tax. ऐसे समय में जब हर रोज देश में जीएसटी पर चर्चा हो रही है और खबरें आ रही हैं, एक सांसद का इसके पूरे नाम से भी अनजान होना बहुत चिंतित करने वाला है। क्या इनेलो इसी तरह बिना सोचे समझे मुद्दे उठाती है ? जब नाम ही ठीक से नहीं पता तो कैसे मानें कि सांसद ने कृषि या ट्रैक्टर उद्योग पर जीएसटी के असर को समझने के लिए वक्त लगाया होगा। बिना सोचे समझे चिट्ठी लिखकर ही किसान नेता कहलवाने से उन्हें इस युवा उम्र में बचना चाहिए और खुद जागरूक होकर जीएसटी को पढ़ना व समझना चाहिए। साथ ही किसानों को भी भड़काने की बजाए जागरुक करना चाहिए।

सांसद दुष्यंत चौटाला, इनेलो और विपक्ष के सभी नेताओं को जीएसटी के बारे में विस्तार से इसलिए भी पढ़ना चाहिए ताकि उन्हें पता चले कि यह देश में कितना हित में है। जहां तक किसानों और खेती उपकरणों की बात है, यह भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता है कि खेती में इस्तेमाल होने वाला कोई भी उपकरण, खाद-बीज आदि पहले से महंगा नहीं होगा। पहले किसी उपकरण पर कई तरह के टैक्स लगते थे और कुल मिलाकर कीमत काफी बढ़ जाती है लेकिन अब एक ही टैक्स लगेगा जो दिखने में ज्यादा नज़र आ सकता है लेकिन कीमत पर पुराने टैक्सों से कम ही असर डालेगा। कृषि, बागवानी, पशुपालन, लघु उद्योग आदि क्षेत्रों में जीएसटी से किसी उपकरण या कच्चे सामान की कीमत ना बढ़े, यह भाजपा सरकार का पक्का निश्चय है। 28 प्रतिशत टैक्स ऑटो सेक्टर के पुर्जों पर प्रस्तावित है और ट्रैक्टर व अन्य कृषि उपकरणों को इस सेक्टर से अलग मानने का फैसला जीएसटी काउंसिल पिछले रविवार को ही कर चुकी है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने चिट्ठी इससे एक दिन पहले लिखी थी। हालांकि इस बारे में जीएसटी काउंसिल ने फैसला कई सदस्यों के अनुरोध पर किया है, लेकिन दुष्यंत चौटाला भी इसके लिए केंद्रीय वित्तमंत्री को धन्यवाद कर सकते हैं।

देश में टैक्स प्रक्रिया को लेकर आजादी के बाद का सबसे बड़ा सुधार देश की लोकप्रिय भाजपा सरकार लेकर आ रही है। जीएसटी के लागू हो जाने से कर प्रक्रिया बहुत आसान हो जाएगी और कर चोरी पर रोक लगेगी। जीएसटी के आ जाने से कोई भी उत्पाद या सेवा महंगी नहीं होगी बल्कि उत्पादक और सेवा क्षेत्र की कंपनियां अलग-अलग टैक्सों के झंझट से बचेंगे और एक ही टैक्स भरकर अपना काम पहले से आसानी से करेंगे। कर चोरी करना बहुत मुश्किल हो जाएगा जिससे देश का राजस्व बढ़ेगा और पूरे देश और राज्यों के विकास में तेज़ी आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *