काम के जुनून की वजह से सोशल मीडिया पर छाए DIG इरशाद वली

भोपाल: 2004 बैच के आईपीएस अफसर इरशाद वली एक समर्पित और ईमानदार अफसर माने जाते हैं। उन्होंने अपने जाबांज कामों से बहुत नाम कमाया है। लोगों की परेशानी और दिक्कत दूर करने और सोशल पुलिसिंग करके लोगों का दिल जीत रहे हैं। इरशाद वली भोपाल शहर को अपना परिवार मानकर रात दिन मेहनत कर रहे हैं। मुक़द्दस महीने रमज़ान में वो इबादत के लिये भी समय निकाल रहे हैं और किसी भी प्रकार की कोताही नही कर रहे हैं। पत्नी और मासूम बच्चों से दूर कोरोना संकट से निपटने के लिये फारेस्ट गेस्ट हाउस में ठहरे हैं।

इरशाद वली यहीं परिवार से दूर अपने फ़र्ज़ को निभाते हुए रोज़े रखकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं,सेहरी और इफ्तारी गेस्ट हाउस में ही कर रहे हैं तथा खाली समय मे क़ुरआन पाक की तिलावत करते हैं।

42 डिग्री झुलसा देने वाली गर्मी में रोज़ा रखकर 18 घण्टे की ड्यूटी कर रहे हैं,भोपाल के तमाम ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों में रोजाना दौरा करते हैं इतना ही नही तमाम हलचल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पैनी नज़र बनाए रखते हैं।

भोपाल में तेजी से फैलते कोरोना को देखते हुए इसको फैलने से रोकने के लिये करीब एक महीने से डीआईजी इरशाद वली चार इमली के गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं।
डीआईजी थानों में पुलिसकर्मियों के बीच पहुंचकर पूछ रहे हैं कि उन्हें काम करते समय कोई परेशानी तो नहीं आ रही। मास्क, सैनिटाइजर और खाने-पीने की दिक्कत तो नहीं है। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों के बीच में रहूंगा तभी तो जान पाऊंगा कि पुलिसकर्मियों को क्या-क्या दिक्कत है।
सोशल मीडिया पर इरशाद वली की काफी चर्चा है लोग उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं। डीआईजी इरशाद वली ने साल 2019 में जीआईजी पद का कार्यभार ग्रहण किया था। वली ने चार्ज लेने के बाद कहा कि महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करना, महिला अपराधों में कमी लाना, अपराधियों में खौफ पैदा करना तथा आमजनों और पुलिस के बीच में फ्रेंडली रिलेशन डेवलप कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

जुआ, सट्टा, मादक तस्करों और अन्य अवैध करोबार करने वालों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाकर अंकुश लगाया जाएगा। आईपीएस इरशाद वली को भुगोल में महारत हासिल है। पूर्व में वह जहां भी पदस्थ रहे, उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में छात्र और छात्राओं को भुगोल की बारीकियां समझाई और बेहतरीन कार्य किया। शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका काफ़ी योगदान रहता है।

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